Site icon TIMES OF PEDIA

नवंबर तक गंगा कॉरिडोर का भूमिगत विद्युतीकरण पूरा करें : पीसी ध्यानी

________________

________________

देहरादून, 09 अगस्त । उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने रविवार को केंद्र पोषित आरडीएसएस योजना के तहत संचालित विभिन्न परियोजनाओं की मैराथन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को परियोजनाओं को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश देते हुए आगामी कुंभ के मद्देनजर नवंबर 2026 तक ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर में विद्युत लाइनों का भूमिगतकरण पूरा करने को कहा।

समीक्षा के दौरान प्रबंध निदेशक ध्यानी ने आईटी, ओटी बिलिंग, स्काडा, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण, लॉस रिडक्शन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सीमा चौकियों के विद्युतीकरण और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत गांवों के विद्युतीकरण सहित यूपीसीएल के सभी 14 विद्युत वितरण मंडलों में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

आईटी/ओटी बिलिंग परियोजना की समीक्षा के दौरान एमडी ने सॉफ्टवेयर मॉड्यूल को यूजर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर तैयार करते समय क्षेत्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों के सुझाव लिए जाएं। साथ ही फील्ड यूजर्स को प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण देने और यूपीसीएल की अपनी टीम तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि आईटी से जुड़े कार्यों के लिए विभाग के पास प्रशिक्षित कर्मचारियों का विकल्प उपलब्ध रहे।

गंगा कॉरिडोर क्षेत्र ऋषिकेश में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण के सभी सात पैकेजों की भी विस्तृत समीक्षा की। एमडी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निश्चित कार्ययोजना के अनुसार नवंबर तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीटीपी अनुमोदन, सामग्री निरीक्षण और डीआई से संबंधित प्रक्रियाओं को भी समय पर पूरा करने को कहा।

ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून में स्काडा परियोजना की समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों और प्रगति की जानकारी ली। कार्यों में शिथिलता पर एमडी ने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया जाए। फैक्ट्री इंस्पेक्शन टेस्ट से संबंधित दस्तावेज और निरीक्षण प्रक्रिया अगस्त में पूरी करने को कहा गया। परियोजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

लॉस रिडक्शन कार्यों की समीक्षा में वर्तमान में करीब 63 प्रतिशत भौतिक प्रगति होने की जानकारी दी गई। एमडी ने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सितंबर 2026 तक 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

एमडी ने सभी अधिशासी अभियंताओं को कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय कर निर्धारित समय में कार्य पूरा कराने और अधीक्षण अभियंताओं को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरडीएसएस योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि का किसी भी स्थिति में नुकसान नहीं होना चाहिए। कार्यों में किसी तरह की बाधा आने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।

समाचार लिखे जाने तक समीक्षा बैठक जारी थी। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की सीमा चौकियों और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत गांवों के विद्युतीकरण से संबंधित कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

________________

Exit mobile version