[t4b-ticker]
Home » News » National News » सहारनपुर की जातीय हिंसा व महिलाओं पर अत्याचार के ख़िलाफ़ विधानसभा का घेराव

सहारनपुर की जातीय हिंसा व महिलाओं पर अत्याचार के ख़िलाफ़ विधानसभा का घेराव

Spread the love

लखनऊ। सहारनपुर जातीय संघर्ष और महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के विरुद्ध ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने लखनऊ में विधान सभा तक मार्च निकाला। इस मार्च के लिए आज सुबह 10 बजे से ही जेएनयू, डीयू, इलाहाबाद युनिवर्सिटी, लखनऊ यूनिवर्सिटी, गोरखपुर यूनिवर्सिटी समेत तमाम शिक्षण संस्थानों के छात्र हजरतगंज स्थित बाबासाहब अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष इकट्ठे होकर सरकार के दलित- महिला- अल्पसंख्यक विरोधी रवैये के खिलाफ नारेबाजी लगा रहे थे।


वर्तमान योगी सरकार शासन में जातीय हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार की बढ़ती घटनाओं का आक्रोश छात्रो के नारों से फूट रहा था। 11.00 बजे हाथों में अम्बेडकर, फुले, बिरसा, लोहिया आदि बहुजन महापुरुषों के पोस्टरों, जातिविरोधी स्लोगनों वाले तख्तियों और नीले -लाल झंडों के साथ छात्रों का हुजूम विधानसभा की ओर निकला ही था कि 500 मीटर के बाद ही भारी संख्या में मौजूद पुलिस ने सड़क पर बैरिकेटिंग लगाकर इस मार्च को रोक दिया।
जातीय हिंसा और महिलाओं के उत्पीड़न के विरुद्ध इस मार्च को बीच रास्ते मे रोके जाने से छात्रों ने वहीं सड़क पर बैठने का निर्णय लिया और सरकार तथा पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में जेएनयू छात्र दिलीप यादव, धीरेन्द्र प्रताप, पूजा गुप्ता समेत तमाम छात्रों को काफी चोटें आई हैं।
मामले को बिगड़ता देख भारी पुलिस बल ने पूर्वांचल सेना के धीरेन्द्र प्रताप, अम्बेडकरवादी छात्रसभा के अध्यक्ष अमर सिंह पासवान, लखनऊ विश्वविद्यालय छत्रनेता डॉ. मनोज यादव, जेएनयू छात्र प्रवीण, सुबोध, अनिर्बान, दिलीप यादव, मुलायम सिंह यादव, श्रेयत बौद्ध, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रनेत्री ऋचा सिंह, कंचन भारती, डॉ पवन राव अम्बेडकर, राम स्वरूप, छविलाल, जयवीर, राजवर्धन समेत सैकड़ो उपस्थित छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार छात्रों को अस्थाई जेल में ले जाने के लिए पुलिस की गाड़ियों में जगह नहीं बची तो छात्र पैदल ही पुलिस की गाड़ियों के पीछे लग गए।
इस सबके बावजूद योगी सरकार और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी होती रही। गिरफ्तार छात्रों को पुलिस लाइन ले जाया गया और 4 घंटे बैठाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। छात्रों का कहना था कि योगी सरकार के संरक्षण में जातीय हिंसा दिन ब दिन बढ़ती जा रही है, योगी सरकार ने एक जाति विशेष को गुंडई की खुली छूट दे रखी है। प्रशासन जितनी तत्परता से हमें मार्च निकालने से रोक रही है यदि उतनी सहारनपुर में दिखाई होती तो आज सहारनपुर जल नहीं रहा होता। छात्रों ने कहा कि हम पर अब इन गिरफ्तारियों का असर होने वाला नहीं है, इस अराजकता के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा ।

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Scroll To Top
error

Enjoy our portal? Please spread the word :)