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बाबा गुरमीत को 20 साल की सज़ा ,अब महाराज का क्या होगा ,गुमनाम चिट्ठी बड़ा काम करगई

बाबा गुरमीत को 20 साल की सज़ा ,अब महाराज का क्या होगा ,गुमनाम चिट्ठी बड़ा काम करगई

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बाबा गुरमीत सिंह के साम्राज्य की खूबियां और ऐश ो लक्ज़री के बारे में तो आप पढ़ ही रहे होंगे किन्तु एक बाबा के भक्त और साध्वी की गुमनाम चिट्ठी बाबा के साम्राज्य के क़िले की दीवारों को मिस्मार करदेगी यह शायद बाबा ने कभी न सोचा होगा .15 साल पहले जिस साध्वी के भाई का बाबा ने इसलिए मर्डर करादिया था कि पीड़िता साध्वी के भाई रणजीत सिंह को बाबा के काले करतूतों का पता चल गया था और उसने अपनी बहिन के साथ बाबा का डेरा छोड़ दिया था .लेकिन बाबा को शक था कि एक रोज़ रणजीत उसके काले करतूत को जनता के सामने लाएगा लिहाज़ा उसका मर्डर करादिया गया .

 

बाप जोगिन्दर सिंह ने बेटे के क़त्ल का बदला लेने के लिए बाबा गुरमीत सिंह के खिलाफ अदालत का दरवाज़ा खटखटाया किन्तु 15 साल कि अनथक कोशिश के बाद पीड़िता साध्वी और मक़तूल रणजीत का पिता जोगिन्दर सिंह अदालत से थक हारने के बाद 15  जुलाई 2016  को ज़िंदगी कि जंग भी हार गया ,काश यह इन्साफ उसकी ज़िंदगी में मिला होता तो उसको कितनी शांति मिलती .मगर हमारे यहाँ ऐसा मुमकिन कहाँ हो पा रहा हज़ारों कि तादाद ऐसे क़ैदियों कि है जो बेगुनाह जेलों में बंद हैं और लाखों ऐसे गुनहगारों कि तादाद है जो गुनेहगार होकर भी या तो सत्ता का मज़ा भोग रहे या सत्ता धारियों कि छत्र छाया में ऐश लेरहे हैं ।मगर अदालतों द्वारा कभी कभी इन्साफ कि खबर दुनिया के अदालती निज़ाम पर भरोसा जमा ही देती है .

यह सब तो ठीक किन्तु एक बात का बहुत अफ़सोस होता है जब लालची और सच्चाई के अंधे सियासी रहनुमा और सरकार में बैठे पाखंडी ज़ुल्म ो हैवानियत का साथ देते नज़र आते है बाबा गुरमीत को अदालत में पेशी वाले दिन जो हैवानियत का नंगा नाच हुआ जिसमें  36 इंसानी जानें गयी सैकड़ों ज़ख़्मी होगये अरबों कि इमलाक (सम्पत्ती) को आग लगा दी गयी सरकार और क़ानून  को ताक पर रख दिया उस पर बीजेपी के सांसद साक्षी महाराज का बयान आया कि “भारत की संस्कृति को बदनाम करने की साजिश हो रही है। साक्षी महाराज ने कहा कि राम रहीम पर एक महिला ने यौन शोषण के आरोप लगाये हैं, लेकिन उनके पीछे करोड़ों लोग खड़े हैं उनकी आवाज क्यों नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर इससे भी बड़ी कोई वारदात होती है तो इसके लिए सिर्फ डेरा के समर्थक ही जिम्मेदार नहीं होंगे बल्कि अदालत भी जिम्मेदार होगी।

साक्षी ने आगे कहा कि योजनाबद्ध तरीके से भारतीय संस्कृति को बदनाम करने की साजिश हो रही है। साक्षी महाराज ने कहा कि साधु संन्यासियों को बदनाम करने के लिए षड़यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की अस्मिता खतरे में है इसलिए साजिश रची जा रही है।”

अब सवाल यह पैदा होता है कि मुल्ज़िम बाबा गुरमीत को अदालत से 20 साल की सजा होने के बाद एक दुसरे महाराज जो ज़ालिम और ज़ानी बाबा कि वकालत में बोलकर माननिये अदालत पर इलज़ाम लगा रहे थे उनपर कोनसी धारा लगेगी,कौन लगवायेगा और कब ?इसका जनता को है इंतज़ार  । साक्षी  का  ब्यान  दर्शाता  है  कि  वो  भारत  कि  संस्कृति  को  बलात्कारी  और  क़ातिलों  की  संस्कृति  बताकर  देश  के  साथ  ग़द्दारी  कर  रहे  हैं  ..देश की नज़र में अदालत  के   फैसले  को  सही  मानते  हुए  साक्षी  महाराज  भी  सजा  के  दायरे  में  आते  हैं  ..क्या  आप  भी  एहि  मानते  हैं  ?जबकि साक्षी महाराज अदालत को खुद मुल्ज़िम ठहराते हुए नज़र आते हैं …इसकी सजा क्या होगी ? Editor’s desk

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