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टाइम मैगज़ीन में छपे ब्यान पर पहली बार पीएम मोदी का जवाब

टाइम मैगज़ीन में छपे ब्यान पर पहली बार पीएम मोदी का जवाब

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‘मोदी इज़ इंडियाज़ बेस्ट होप फ़ॉर इकोनॉमिक रेफ़ोर्म VS ‘डिवाइडर इन चीफ़ ‘

टाइम मैगज़ीन में छपे ब्यान पर पहली बार पीएम मोदी का जवाब

“टाइम मैगज़ीन” की कवर स्टोरी में पीएम मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ़ ‘ लिखे जाने का मामला अब गरमाया ,मोदी ने कहा बयान की विश्वसनीयता के लिए इतना काफी है की लेख लिखने वाला पाकिस्तानी है

नई दिल्ली: अमेरिका की मशहूर पत्रिका “टाइम मैगज़ीन” की कवर स्टोरी में पीएम मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’ लिखे जाने का मामला काफी गरमा गया है .इसके बाद पीएम मोदी को स्वयं इस मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए शुक्रवार को मीडिया के सामने आना पड़ा है .

उन्होंने कहा, “टाइम मैगज़ीन” विदेशी है, लेखक खुद कह चुका है कि वह पाकिस्तान के एक राजनीतिक परिवार से आता है. यह उसकी विश्वसनीयता बताने के लिए काफी है.’ यहाँ आपको हम बता दें कि टाइम मैगजीन पर पीएम मोदी की ‘डिवाइडर इन चीफ’ वाली कवर स्टोरी आतिश तासीर ने की थी जिसमें कहा गया था कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र पहले से काफी बंट गया है.

इस लेख में तासीर ने मॉब लिंचिंग, योगी आदित्यनाथ को यूपी का सीएम बनाना एक साज़िश और मालेगांव ब्लास्ट केस की मुजरिम साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की भूमिका का जिक्र भी किया गया है .

हालाँकि कवर स्टोरी में विपक्ष की भी आलोचना की गई है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ऐसे साधारण व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है जिसे यानि राहुल को सिखाया भी नहीं जा सकता. आपको बता दें की टाइम मैगजीन 2015 में भी पीएम मोदी पर एक स्टोरी कर चुकी है जिसका टाइटल था..’मोदी इज़ इंडियाज़ बेस्ट होप फ़ॉर इकोनॉमिक रेफ़ोर्म’ .

यहाँ एक बात क़ाबिल ए ग़ौर है कि ‘मोदी इज़ इंडिआज़ बेस्ट होप ‘ वाली स्टोरी के लेखक के जानने के बारे में आपने भी न तो कोई उत्सुकता दिखाई और न मोदी जी ने ही उसका नाम खोजने की सोची , क्योंकि वहां प्रशंसा थी मोदी जी की यहाँ आलोचना है .

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क्या ही अच्छा होता कि 2019 के चुनाव से पहले मोदी जी के सकारात्मक कार्यों का बखान हो रहा होता ‘टाइम मैगज़ीन’ में , और जिसको मैगज़ीन ने भारत की सर्वश्रेष्ठ आशा कहा था वो उम्मीद आज साक्षात्कार दिख रही होती .किन्तु दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं होपाया .

ज़ाहिर है मोदी जी पर यह इलज़ाम भी आलोचकों और विश्लेषकों ने सही साबित करदिया कि मोदी जी ने 2019 लोक सभा चुनाव में वोट विकास और उपलब्धियों पर नहीं बल्कि देश कि जनता को फ़र्ज़ी दुश्मन का ख़ौफ़ दिखा कर और देश के बहादुर जवानो कि क़ुरबानी को वसूल करके माँगा , आलोचकों का यह भी मानना है कि लगभग इसी प्रकार का कार्य काल हिटलर का भी रहा है जो 23 मई 1945 को समाप्त हो गया , अब संयोग से लोक सभा 2019 के चुनाव का नतीजा भी 23 मई को आना है , जिसमें एक काल के समाप्त होने कि अटकलें लगाई जा रही हैं . सच्चाई तो 23 मई को ही पता चलेगी क्योंकि EVM इज़ बेस्ट होप फॉर पार्टी अभी बाक़ी है .

2015 की कवर स्टोरी में टाइम ने बताया था ‘वाई मोदी मैटर्स.’ हालांकि डिवाइडर इन चीफ़ पर बीजेपी ने कहा था कि यह टाइम मैगजीन द्वारा पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने का प्रयास है.जबकि ‘मोदी इज़ इंडिआज़ बेस्ट होप ‘ पर बीजेपी की कोई मुख्य टिप्पणी नहीं आई थी , बीजेपी ने यह भी कहा था कि मोदी की छवि को धूमिल करने वाली स्टोरी के लेखक आतिश तासीर, पूर्व पाकिस्तानी नेता सलमान तासीर और पत्रकार तलवीन सिंह के बेटे हैं जिनका एजेंडा पाकिस्तानी है.

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