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Category Archives: Editorial & Articles

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अभी तो 1000 का नोट ही नहीं देखा था देश के आम आदमी ने..

अभी  तो  1000   का  नोट  ही  नहीं  देखा  था  देश  के  आम  आदमी  ने..

हम अक्सर अपने लेखों और सम्पादकियों में ये लिखते रहे हैं की विपक्ष में रहकर सत्तापक्ष की योजनाओं और नीतियों की  जो सियासी पार्टियां विरोध करती हैं सत्ता में आते ही स्वयं उन्ही योजनाओं को दुसरे नाम से कार्यान्वित (Impliment) ...

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नोट नहीं दिल को बदलो

लोग समझ रहे हैं कि नोट बदलने से देश बदल जाएगा तो शायद यह सोच ग़लत है। 1978 में भी ऐसा ही कुछ हुआ था मगर वही ढाक के तीन पात। नोट बदलने से ज़्यादा महत्वपूर्ण है दिल बदलना, सोच ...

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आफ़ात काल है आज का यह आपातकाल

आफ़ात काल है आज का यह आपातकाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पत्रकारों को उनकी बेहतरीन पत्रकारिता के लिए रामनाथ गोयनका अवॉर्ड देते हुए कहा था कि आपातकाल को हमें नहीं भूलना चाहिए और उसके महज़ एक दिन बाद ही सरकार ने एनडीटीवी इंडिया को एक ...

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क्या दिल्ली पहुंचेगी उनके दिल तक ?

क्या दिल्ली पहुंचेगी उनके दिल तक ?

जिस्म की बात नहीं थी उनके दिल तक जाना था लम्बी दूरी तय करने में वक़्त तो लगता है ॥   कश्मीर का मसला पिछले दिनों होने वाली यशवंत सिन्हा की कश्मीर यात्रा से हल होजायेगा ? यह उम्मीद से ...

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राजनीती से सत्ता और सत्ता से मौत तक

राजनीती से सत्ता और सत्ता से मौत तक

देश ओ दुनिया में हर तरफ आज सत्ता और पूँजी के लिए जतन और योजनाएं है ,यदि यह सत्य और समानता के लिए होती तो दुनिया अमन ओ शांति का घर होती आज हर तरफ त्राहि त्राहि है ,नफरत और ...

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Polygamy is allowed in Islam,but Why?

Polygamy is allowed in Islam,but Why?

If someone is against POLYGAMY (BAHU VIVAH), he is in favour of illegal affairs, he is in favour of dirty society. This is not only one case of triple talaq, but its including POLYGAMY (bahu vivah). Allah gave order to any Muslim to marry ...

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बंद करो नफ़रत की सियासत और संभालो देश को

बंद करो नफ़रत की सियासत और संभालो देश को

लो अब रीटा भी चलीं हंस की चाल ,कहीं अपनी भी न ….. देश में विभिन्न प्रकार के फ़ितने उभर रहे हैं ,कहीं आतंकी हमलों का खतरा तो कहीं पडोसी देशों की थ्रेट ,कहीं नक्सली हमले तो कहीं माववादियों का ...

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तुम्हारी  बुनियादी ज़रूरतें क्या हैं ?कौन  बताएगा 

तुम्हारी  बुनियादी ज़रूरतें क्या हैं ?कौन  बताएगा 

देश के कामयाब सियासतदां  और नाकाम प्रधानमंत्री कौन ? पाक को लव लेटर लिखना बंद हुआ और ना क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म अलबत्ता दोस्ती के रिश्तों की सर्जरी शुरू हो गई ।सोशल मीडिया पर बैठे लोगों को पता नहीं  कितनी तान्खुआह ...

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हम देश के साथ हैं पार्टी के साथ नहीं,मगर वो तो …..

हम देश के साथ हैं पार्टी के साथ नहीं,मगर वो तो …..

मुझे यह बात कहने में क़तई कोई झिजक नहीं है की देश की मर्यादा और सरहदों की हिफाज़त करने वाले सिपाही की क़ुरबानी पर राजनीती अपराध होना चाहिए,हम समझते हैं देश की सत्ताधारी पार्टी फ़ौज का इस्तेमाल अपने राजनितिक हित ...

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अभी तो विकास का ही नारा अधूरा है…विनाश की ओर कहाँ चले

अभी तो विकास का ही नारा अधूरा है…विनाश की ओर कहाँ चले

मैँ ही गंगा मैँ जमना मैँ ही चम्बल का पानी हूँ। मैँ ही दुर्गा मैँ ही रज़िया मैँ ही झांसी की रानी हूँ॥ मेरे सीने मैँ रहती हैं नमाज़ें और पूजा भी। मेरी भाषा भी हिंदी है मैँ भी हिन्दोस्तानी ...

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