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हॉकी में भारतीय टीम का ज़बरदस्त प्रदर्शन , सात साल बाद अर्जेंटीना को शिकस्त

हॉकी में भारतीय टीम का ज़बरदस्त प्रदर्शन , सात साल बाद अर्जेंटीना को शिकस्त

रियो ओलिंपिक में  पूल B के हॉकी मैच में भारतीय पुरुष टीम ने अपने तीसरे लीग मैच में अर्जेंटीना को 2-1 से हरा दिया.  इस जीत के साथ भारत अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. दो बार रही  ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी ग्रुप में पहले स्थान पर बानी  हुई   है. इस ग्रुप की शीर्ष 4 टीमें क्वार्टरफाइनल खेलेंगी. भारत ने टूर्नामेंट में अभी तक 3 मैच खेले हैं, जिनमें से दो में जीत (आयरलैंड और अर्जेंटीना के खिलाफ) मिली है जबकि  जर्मनी से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था.

चौथे और अंतिम क्वार्टर में अर्जेंटीना ने दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंडरों ने उसे नाकाम कर दिया. आयरलैंड के खिलाफ 8 पेनल्टी कॉर्नर लुटा देने वाली भारतीय टीम ने अर्जेंटीना को भी 5 पेनल्टी कॉर्नर दे दिए. क्वार्टरफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को यह मैच जीतना जरूरी था, क्योंकि अभी तक वह अपने पूल में चौथे नंबर पर थी.

चौथे क्वार्टर यानी आखिरी के 15 मिनट के खेल में में अर्जेंटीना ने दबाव बनाने की कोशिश की. वह इसमें सफल भी हो गई, जब फॉरवर्ड गोन्जालो पीलट ने फील्ड गोल ठोककर स्कोर 1-2 कर दिया. इसके बाद तो उत्साहित अर्जेंटीना ने हमलों की बाढ़ ला दी और आखिरी के 7 मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिए. हालांकि भारतीय टीम भाग्यशाली रही कि कोई गोल नहीं हुआ. कप्तान श्रीजेश ने दोनों बार खूबसूरत बचाव किए. भारतीय कोच भी परेशान दिखे, क्योंकि उनको पिछले दो मैच में अंतिम समय में टीम के बिखरने से चिंता हो रही थी. हो भी क्यों न भारत ने एक बार फिर विरोधी को 5 पेनल्टी कॉर्नर दे दिए. हालांकि भारत ने आखिरी के 3 सेंकेंड में जर्मनी से हार से सबक लेते हुए गोल नहीं होने दिया. यह 2009 के बाद अर्जेटीना पर भारत की पहली जीत है.

 क्वार्टर 3 : कोठाजीत ने किया दूसरा गोल

तीसरे क्वार्टर में मैच के 35वें मिनट में कोठाजित सिंह ने भारत के लिए टूर्नामेंट का पहला फील्ड गोल किया. उन्होंने रमनदीप सिंह के पास पर यह गोल किया. गौरतलब है कि भारत ने ओलिंपिक में अभी तक जितने गोल भी किए हैं , वह सब पनेल्टी कॉर्नर से आए हैं. फील्ड गोल के नाम पर उसके पास कुछ भी नहीं है. ऐसा नहीं है कि भारत ने मूव अच्छे नहीं बनाए, लेकिन वह उन्हें गोल में नहीं बदल पाया. तीसरे क्वार्टर में भारत ने एक के बाद हमले करके अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति को खासा परेशान किया.

क्वार्टर 2:  मनप्रीत को यलो कार्ड
दूसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना टीम बदली-बदली नजर आई और भारत पर कई हमले किए, लेकिन बीच में मैच को धीमा कर दिया, फिर अचानक ही हमला बोल दिया और एक बार फिर भारतीय गोलकीपर श्रीजेश बमुश्किल ही रोक पाए.भारत की ओर से रमनदीप सिंह ने काउंटर अटैक किया और अच्छा मूव बनाया, लेकिन गोल नहीं कर पाए. भारतीय रक्षापंक्ति ने अच्छा खेल दिखाया और विरोधी टीम के हमलों को कई बार नाकाम किया. दूसरे क्वार्टर की समाप्ति तक भारत ने 1-0 की बढ़त बरकरार रखी. इसमें भारत का खेल मिलाजुला रहा. अब उसे जर्मनी के खिलाफ की गई गलती से बचना होगा. भारत के मनप्रीत सिंह को यलो कार्ड भी दिखाया गया. ऐसे में उन्हें सावधान रहना होगा.

क्वार्टर 1 : 1-0 से आगे भारत
भारत ने अर्जेंटीना पर शुरू से ही आक्रमण किया और पहले क्वार्टर के 8वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया, लेकिन अर्जंटीना ने उस नाकाम कर दिया. फॉर्म में चल रहे रुपिंदर पाल सिंह ने करारा शॉट लगाया, लेकिन विरोधी टीम के गोलकीपर ने खूबसूरती से उसे रोक लिया. रुपिंदर की ड्रैग फ्लिक के नाकाम रहने के बाद भारत ने दूसरा पेनल्टी कॉर्नर भी ले लिया, जिसे चिंगलेनसाना कांगूजाम ने गोल में तब्दील करके भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी. पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत गोल खाते-खाते रह गया, जब अर्जेंटीना के फॉरवर्ड मर्नेट ब्रूनेट ने करारा शॉट लगाया और गेंद गोलपोस्ट से टकरा बाहर चली गई, जबकि भारतीय कप्तान और गोलकीपर श्रीजेश पूरी तरह चूक गए थे.

भारत की ओर से रुपिंदर पाल सिंह और वीआर रघुनाथ ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है. रुपिंदर के नाम जहां दो मैचों में 3 गोल हैं, वहीं रघुनाथ के नाम दो मैचों में एक गोल है.

गौरतलब है कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम का रियो ओलिंपिक में अब तक प्रदर्शन काफी हद तक संतोषजनक रहा है. पहले मैच में टीम ने आयरलैंड पर 3-2 की जीत दर्ज की थी, जबकि दूसरे मैच में जर्मनी के हाथों अंतिम क्षणों में 2-1 से निराशाजनक हार का सामना करना पड़ा था.

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